साक्षात्कार ..........
पढिये एक सामान्य लड़की का मन ............ सामरा काज़मी का साक्षात्कार .......... "जियो तो हजरत अली के तरह . मरो तो इमाम हुसैन की तरह." हमेशा इन शब्दों को प्रेरणा मानने वाली एक सामान्य लड़की की दांस्ता .....आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ , जी हाँ ये है सामरा काज़मी है जो जल्द ही उभरती हुई पत्रकार के रूप में हमारे सामने आने वाली है .जिनकी सोच आज उन्हें भीड़ से अलग करती है १.३० घंटे चले इस साक्षात्कार में सामरा जी ने अपने जीवन के कई पक्षों को हमारे सामने रखा वक्त के इस आईने में पेश है उनकी कुछ झलकियाँ ......... सामरा काजमी :व्यक्तित्व व जीवन से जुड़े कुछ प्रश्नों के साथ मेरा (अर्चना चतुर्वेदी ) और उत्तरों के साथ सामरा काज़मी के साक्षात्कार का दौर कुछ यूँ चला .......... प्र. सामरा जी आप क्या है ? अपने लिए उ. जी, मै खुद के लिए कुछ नहीं हूँ जो भी हूँ दूसरो के लिए. आप कह सकती है की समारा काज़मी एक ऐसी लड़की है जिसको खुद से ज्यादा उसके करीबी जानते है . और जो कुछ भी जानती हूँ अपने बारे में उसके ...